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नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

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  • सेवा समाचार - मॉरीशस में जीएचआरसी, माउंट आबू के डॉ। प्रताप मिधा का दौरा - 
    Mauritius Family
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  • Watch "प्रेरणा (Inspiration) (EP-120) Rajyogini Vanita Didi (Jetpur, Gujarat)" on YouTube -https://youtu.be/mBRBP12YcWA
  • भारत के भाई बीके चार्ली की सेवा रिपोर्ट (ऑस्ट्रेलिया) की यात्रा
  • बैंगलोर - ब्रह्मा कुमारियों ने पृथ्वी माता महोत्सव में "प्रकृति मित्र पुरस्कार" से सम्मानित किया

 

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नया मलयालम टीवी चैनल

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आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

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19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन. केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र. संस्था के 80 वर्ष कार्यक्रम में वक्तव्य.Read more...

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निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

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आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

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युवा शिविर का सफल आयोजन.

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त्रिनिदाद) युवा शिविर का सफल आयोजन. टोका त्रिनिदाद मेंे हासन्ना बीच रिसोर्ट पर युवा शिविर का आयोजन किया गया. Read more...

 

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24-09-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


“मीठे बच्चे - तुम यहाँ श्रीकृष्ण जैसा प्रिन्स बनने की पढ़ाई पढ़ते हो, तुम्हें पढ़ाने वाला स्वयं भगवान है''

प्रश्नः-
बाबा जब भगवानुवाच शब्द बोलते हैं तो कई बच्चे भी मूँझ जाते हैं - क्यों?

उत्तर:-
क्योंकि भगवान तो गुप्त है। वह समझते हैं शायद इस दादा ने भगवानुवाच बोला है। परन्तु निराकार भगवान को बोलने के लिए जरूर मुख चाहिए ना। बाबा कहते यह वन्डरफुल समझने की बात है कि मैं कैसे इनमें प्रवेश कर तुम्हें पढ़ाता हूँ।

ओम् शान्ति। भगवानुवाच। भगवान क्या कहते हैं? यह भगवानुवाच किसने कहा? देखने में तो कोई आता नहीं। मनुष्य को भगवान नहीं कहा जाता। कोई समझेंगे कि बोलने वाले ही कहते हैं - भगवानुवाच। लेकिन निराकार भगवान बोल रहे हैं, यह सिर्फ तुम ही जानते हो। यह कौन बैठा है! भगवान कहाँ हैं! यह नई बात है ना इसलिए मनुष्य मूंझ जाते हैं। लेकिन भगवानुवाच है जरूर। कहते हैं कि मैं बच्चों को राजयोग सिखा रहा हूँ। नर से नारायण अथवा कृष्ण, नारी को लक्ष्मी अथवा राधे बनाने लिए योग और ज्ञान सिखाता हूँ, इनसे और क्या चाहिए। तुमको हम राजाओं का राजा, प्रिन्स का प्रिन्स बनाता हूँ। प्रिन्स-प्रिन्सेज भी तो मन्दिर में जाते होंगे ना। विकारी प्रिन्स, निर्विकारी प्रिन्स श्रीकृष्ण को नमन करते हैं। तो मैं तुमको प्रिन्स का भी प्रिन्स बनाता हूँ। श्रीकृष्ण जैसे स्वर्ग का प्रिन्स बनो। नॉलेज पढ़ने से ही तो बनेंगे ना। डॉक्टर वा बैरिस्टर कहेंगे ना स्टूडेन्ट को, कि मैं तुमको डॉक्टर वा बैरिस्टर बनाता हूँ। परन्तु पढ़ेंगे तब तो बनेंगे। बाबा कहते बच्चे, अच्छी रीति समझते हो कि राजयोग सिखलाने वाला एक ही भगवान है, न कि कृष्ण। राधे-कृष्ण तो अलग-अलग राजाई के बच्चे हैं। उन्हों की आपस में सगाई होती है, शादी के बाद नाम बदलता है इसलिए चित्र में भी लक्ष्मी-नारायण के नीचे राधे कृष्ण को दिखाया है।

अब बाप अच्छी रीति समझाते हैं कि यह ब्रह्मा भी नम्बरवन भगत था। पिछाड़ी में नारायण की पूजा करते थे। कृष्ण की भक्ति की वा नारायण की भक्ति की, एक ही बात है। कृष्ण ही बड़ा होकर नारायण बनता है। अब तुमको नर से नारायण बनने के लिए राजयोग सिखला रहे हैं। अब तुम्हारे 84 जन्म पूरे हुए। अब इनकी आत्मा भी पढ़ रही है फिर भविष्य में श्रीकृष्ण बनती है। बाप कहते हैं - बच्चों तुम ज्ञान-चिता पर बैठ गोरे बनते हो फिर काम-चिता पर बैठ सांवरे बन गये हो। यह है कंसपुरी, मैं तुमको कृष्ण पुरी ले जाने के लिए आया हूँ। श्रीकृष्ण ही सर्वगुण सम्पन्न, 16 कला सम्पूर्ण है... यहाँ कोई में सर्वगुण हैं नहीं। मैं आया हूँ बच्चों को सम्पूर्ण निर्विकारी बनाने। बनना है योगबल से। बाहुबल है - हिंसक लड़ाई, जो तीर-कमान से होती थी। फिर बन्दूकों, तलवारों से हुई। अब तो होती है बाम्बस से। खुद कहते हैं हम ऐसे बाम्बस बनाते हैं जो घर बैठे सब खत्म हो जायेंगे। फिर मिलेट्री क्या करेगी! बाप कहते हैं - मीठे-मीठे बच्चों यह पाठशाला है। मैं तुमको प्रिन्स श्रीकृष्ण जैसा बनाता हूँ। जो फर्स्ट प्रिन्स सतयुग का था, वह अब 84 जन्म लेकर कलियुग में बेगर बना है। भारत में ही उनका राज्य था। फिर पुनर्जन्म लेना पड़े ना। कृष्ण को भगवान कहते तो भगवान फिर पुनर्जन्म में कैसे आयेगा? भगवान तो निराकार है। वह है ही एक रचयिता। बाकी सब हैं रचना, तब तो कहते हैं कि हम आत्मायें सब भाई-भाई हैं। बाप समझाते हैं कि तुम ब्रह्माकुमार-कुमारी आपस में भाई-बहिन ठहरे। तो फिर क्रिमिनल एसाल्ट कैसे हो। तुम वर्सा एक बाप से लेते हो, भविष्य के लिए। अगर पवित्र नहीं रहेंगे तो शान्तिधाम, सुखधाम में कैसे जायेंगे। पुकारते भी हैं हम पतित बन गये हैं, पावन बनाने आओ। तो बाप कहते हैं मुझे याद करो। यह तुम्हारा अन्तिम जन्म है। तुम सब आत्मायें अब वापिस वानप्रस्थ में जा सकती हो इसलिए वानप्रस्थी हो। ऐसा कोई गुरू रास्ता बता न सके। यह ज्ञान है ही एक बाप के पास। वही पतित-पावन निराकार है। बाप कहते हैं कि मुझे याद करो, थोड़े टाइम के लिए, मैंने इस तन का लोन लिया है। शरीर बिगर आत्मा कैसे बोल सकेगी! भगवानुवाच है कि मैं बूढ़े साधारण तन में प्रवेश कर तुम बच्चों को पढ़ाता हूँ। मैं गर्भ में नहीं आता हूँ। गर्भ में आने वाले को तो पुनर्जन्म में आना पड़े। मैं एक ही बार आता हूँ। प्रकृति का आधार मुझे जरूर चाहिए। मैं इसमें बैठ तुमको पढ़ाता हूँ। यह तो पहले अपना जवाहरात का धंधा करता था। कोई गुरू ने नहीं सिखाया, अचानक ही बाप ने प्रवेश किया। करनकरावनहार होने कारण इससे कर्तव्य कराते रहते हैं। यह भी सीखता जाता है। तुम भी साथ में सीखते जाते हो। बोलते हैं तुमको, परन्तु सुनता पहले मैं हूँ। पढ़ाने तुम बच्चों को आता हूँ परन्तु इनकी आत्मा भी पढ़ती रहती है। बच्चों को राजयोग सिखलाने आया हूँ। ऐसा कभी कोई पढ़ाते नहीं हैं। यह है पावन बनने की बात। यह संगमयुग है ही पुरुषोत्तम बनने का। पुरूषोत्तम श्रीकृष्ण था। स्वयंवर के बाद उनकी डिग्री कुछ कम हो जाती है इसलिए श्रीकृष्ण की महिमा बहुत है। नाम ही है श्रीकृष्णपुरी, इनको कहा जाता है कंसपुरी। बाकी कहानी बनाई है - कृष्ण और कंस की।

बच्चों को समझाया है कि परिपक्व अवस्था होने से भक्ति आपेही छूट जायेगी। तुम कभी कोई को ऐसा नहीं कहना कि भक्ति न करो। उनको ज्ञान देना है। बाप तुमको ज्ञान दे स्वर्ग का प्रिन्स बनाने आये हैं। कृष्ण भी स्वर्ग का मालिक था, अब नहीं है। फिर से वह भी राजयोग द्वारा बन रहे हैं। तुमको भी पुरूषार्थ कर बाप को याद करना है। हेविन की स्थापना करने वाला है - हेविनली गॉड फादर। वही आकर नई सृष्टि रचते हैं। वह करेगा तब जब कलियुग पूरा होगा। सतयुग-त्रेता में नहीं आते। कहते हैं मैं कल्प-कल्प संगमयुगे आता हूँ। उन्होंने कल्प अक्षर निकाल सिर्फ युगे-युगे लिख दिया है। तो भी 4 युग हैं। पांचवा है यह संगमयुग। अच्छा फिर तो 5 अवतार मानों। परन्तु इतने कच्छ-मच्छ परशुराम अवतार होते हैं क्या! यह सभी हैं शास्त्रों की बातें। धर्म का नाम और भारत का नाम ही बदली कर दिया है। हिन्दू धर्म और हिन्दुस्तान कह देते हैं। भारत नाम क्यों बदलना चाहिए! यदा यदाहि धर्मस्य... भारत। उसमें भी भारत का अक्षर आता है। बाप समझाते हैं कि तुमने कोई एक जन्म थोड़ेही भक्ति की है। द्वापर से की है। भक्ति भी पहले अव्यभिचारी थी, सिर्फ शिव की भक्ति करते थे। जिस शिव-बाबा ने ही भारत को स्वर्ग बनाया था और अब फिर स्वर्ग का मालिक बनाने आये हैं। तो पतित शरीर में बैठ बताते हैं कि मैं आता ही हूँ, पतित शरीर में, पतित दुनिया में पतितों को पावन बनाने। भक्ति मार्ग में तो फिर भी मेरे लिए बड़ा भारी मन्दिर बनाते हैं। कितनी क्लीयर बात है। इनमें बाबा की प्रवेशता हुई और गीता आदि पढ़ना छोड़ दिया। भक्ति छूट गई। अनायास ही तो छोड़ा। तुमको कोई ने कहा नहीं कि भक्ति नहीं करो।

अब तुम बच्चों को बाबा समझाते हैं कि फिर से मैं तुमको कृष्णपुरी का मालिक बनाता हूँ। कृष्ण की फिर 8 डिनायस्टी चलती हैं। पहले कहेंगे प्रिन्स ऑफ सतयुग फिर बनता है किंग ऑफ सतयुग। 8 पीढ़ी उनकी चलती हैं। उस समय तो दूसरी राजाई होती नहीं। अब बाबा कहते हैं तुम बच्चे भी सतयुग के प्रिन्स बनो। भक्ति में कोई सुख नहीं है। ज्ञान से तुम स्वर्ग के मालिक बनते हो। कोई का बाप मर जाता है तो उनसे पूछा जाये तुम्हारा बाप कहाँ गया! कहेंगे स्वर्गवासी हुआ। समझते हैं आत्मा और शरीर दोनों गये। लेकिन शरीर तो यहाँ ही छोड़ गये, बाकी गई आत्मा। इसका मतलब पहले नर्क में था। आत्मा शरीर छोड़ स्वर्ग में गई फिर इसमें रोने की क्या दरकार है? स्वर्ग अब यहाँ है क्या? परन्तु समझते नहीं हैं। कह देते सब ईश्वर का हुक्म है। सुख दु:ख सब ईश्वर देता है, सब ईश्वर के रूप हैं। परन्तु बाप कहते हैं कि मैं बच्चों को दु:ख कैसे दे सकता हूँ। बाप से बच्चे कब दु:ख माँगते हैं क्या? बाप तो बच्चों को लायक बनाकर प्रापर्टी दे जाते हैं। बाकी दु:ख तो हर एक को कर्मो के अनुसार ही मिलता है। बाप कहते हैं कि अभी बच्चे आदि कुछ नहीं माँगो। अभी यह प्रापर्टी आदि सब खत्म होने वाली है। फिर तुम्हारे बच्चों को क्या मिलेगा! इतना समय ही नहीं है जो तुम्हारी प्रापर्टी का बच्चा मालिक बन सके। बच्चा बड़ा हो तब तो मालिक बनें, परन्तु इतना टाइम ही नहीं है। विनाश समाने खड़ा है। मनुष्य तो कहते हैं कि कलियुग में अजुन 40 हजार वर्ष पड़े हैं। यह ब्रह्माकुमार-कुमारियां तो विनाश-विनाश करते रहते हैं। कहानी है ना - शेर आया, शेर आया... आखिर तो आया और खा गया। सब समझते हैं कि थोड़ा-थोड़ा काल आयेगा। यह तो होता ही रहता है लेकिन तुम कहते हो कि महाकाल आया हुआ है। शिवबाबा कालों का काल आया हुआ है, जो सभी आत्माओं को वापिस ले जायेगा। तो शरीर तो जरूर छोड़ना पड़े इसलिए बाबा कहते हैं - योग से पवित्र बनो। आत्माओं को पवित्र बनाए फिर वापिस ले जायेंगे। अगर पवित्र नहीं बनेंगे तो बहुत सजायें अन्त में खानी पड़ेंगी और ऊंच पद भी पा नहीं सकेंगे। श्रीकृष्ण नम्बरवन पास विद् ऑनर है, उनको स्कॉलरशिप मिलती है। 21 जन्म राज्य पाते हैं। कितना सहज समझाते हैं। बुद्धि में बैठता भी है फिर गुम हो जाता है। किसको भी भक्ति छुड़ानी नहीं है। बाप आये हैं - भक्तों को भक्ति का फल देने। कहते हैं मैं कल्प पहले मिसल फिर उसी साधारण तन में आया हूँ। कल्प-कल्प आकर तुमको पढ़ाता हूँ। यह है ऊंच से ऊंच पढ़ाई। तुम जानते हो हम सतो-प्रधान थे। अब तमोप्रधान हैं फिर भारत ही सतोप्रधान बनता है। और धर्म वालों ने इतना सुख नहीं देखा है तो दु:ख भी नहीं देखा है। बाहर वालों के पास पैसा तो बहुत है तो गरीब देश को कर्ज देते हैं। उन बिचारों को पता नहीं है, यह तो रिटर्न हो रहा है। बिल्कुल घोर अन्धियारे में कुम्भकरण की नींद में सोये हुए हैं। पिछाड़ी में हाय-हाय कर उठेंगे। फिर तुम कहेंगे - टू लेट क्योंकि लड़ाई शुरू हो जायेगी। फिर क्या करेंगे! भंभोर को आग लग जाती फिर तो टू लेट हो जाता है इसलिए बाप कहते हैं - बच्चे, अब जल्दी-जल्दी पुरुषार्थ करते जाओ। बाबा कोई जास्ती तकलीफ नहीं देते हैं। बाबा को आकर कहते हैं कि बाबा अगर हम पूजा नहीं करते तो वह कहते हैं कि यह तो नास्तिक बन गया है। बाबा राय देते हैं कि साक्षी होकर बाबा की याद में रहो। थोड़ी-थोड़ी पूजा बाहर से कर दो। एक होता है दिल से करना, दूसरा होता है राज़ी करने के लिए करना। अन्दर में तुमको शिवबाबा को याद करना है। अगर कोई तंग करते हैं तो पूजा कर दिखाओ, तो वह खुश हो जायेंगे। यह कोई पाप का काम नहीं है। बाबा तो बहुतों को कहते हैं शादी आदि पर भले जाओ। दोनों तरफ तोड़ निभाना है। वहाँ भी सुनाते-सुनाते कोई न कोई को तीर लग जायेगा। युक्ति से चलना है। बाप का फरमान है कि अब पतित नहीं बनना है। पवित्र बनने से ही तुम कृष्णपुरी के मालिक बनेंगे। शिवबाबा को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे और विश्व के मालिक बन जायेंगे। बच्चों, ऐसी-ऐसी युक्ति से अपने मित्र-सम्बन्धियों को समझाना है। वह है जिस्मानी यात्रा, यह है रूहानी यात्रा। यह रूहानी यात्रा बाप सिखलाते हैं। कहते हैं कि मामेकम् याद करो तो पतित से पावन बन जायेंगे और सब दु:ख दूर हो जायेंगे। कोई विरला व्यापारी व्यापार करे अर्थात् बैकुण्ठ की बादशाही लेवे। श्रीमत पर चलते रहो। ऐसे भी न हो पैसे आदि कहाँ मुफ्त में जायें, कुछ फल नहीं निकले। घरबार भी सम्भालना है, बच्चों की पालना भी करनी है। सिर्फ श्रीमत पर चलना है। राय लेनी है कि बाबा इस हालत में हम क्या करें! बाबा बच्ची कहती हैं कि हम शादी करें तो बाबा कहते हैं कि शादी करानी ही पड़ेगी क्योकि उनका हिस्सा है, उनको दे दो। बाप सिर्फ समझाते हैं फिर भी कुछ पूछना हो तो पूछकर श्रीमत पर चलो। बच्चों को बाप की आज्ञा पर चलना है, इसमें ही कल्याण है। अच्छा!

मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात-पिता बापदादा का याद-प्यार और गुडमार्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) हर कर्म साक्षी होकर शिवबाबा की याद में करना है। लौकिक, अलौकिक दोनों तरफ तोड़ निभाना है। लौकिक से युक्तियुक्त चलना है।

2) इस समय अन्तिम जन्म में भी यह वानप्रस्थ अवस्था है। वापिस घर जाना है इसलिए पावन जरूर बनना है। कोई भी बंधन नहीं बनाने हैं।

वरदान:-
पुराने संस्कारों वा विघ्नों से मुक्ति प्राप्त करने वाले सदा शक्ति सम्पन्न भव

किसी भी प्रकार के विघ्नों से, कमजोरियों से या पुराने संस्कारों से मुक्ति चाहते हो तो शक्ति धारण करो अर्थात् अंलकारी रूप होकर रहो। जो अलंकारों से सदा सजे सजाये रहते हैं वह भविष्य में विष्णुवंशी बनते हैं लेकिन अभी वैष्णव बन जाते हैं। उन्हें कोई भी तमोगुणी संकल्प वा संस्कार टच नहीं कर सकता। वे पुरानी दुनिया अथवा दुनिया की कोई भी वस्तु और व्यक्तियों से सहज ही किनारा कर लेते हैं, उन्हें कारणे अकारणे भी कोई टच नहीं कर सकता।

स्लोगन:-
हर समय हर कर्म में बैलेन्स रखना ही सर्व की ब्लैसिंग प्राप्त करने का साधन है।

 

 


 

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  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
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  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
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  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
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विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 देश विदेश के सेवाकेंद्रो द्वारा सेवायें


 

 


 

महाशिवरात्री संदेश दि. 22 से 28 फरवरी, 2017 रात 12 बजे तक 7 दिनमें 

7 करोंड व्हाटसएप युजर्स को दिया जायेगा महाशिवरात्री का आध्यात्मिक रहस्य

ओमशान्ति मीडिया पत्रिका, बीकवार्ता वेबपोर्टल तथा डॉ. दिपक हरके का संयुक्त उपक्रम

वंडर बुक ऑफ रिकार्ड इंटरनॅशनल, लंदन में दर्ज होगा विश्व किर्तीमान

 

अहमदनगर (प्रतिनिधी) हम प्रतिवर्ष भक्तिभाव से महाशिवरात्री महोत्सव मनाते है, किन्तू यह उत्सव क्या मनाते ? इसके पिछे छिपा आध्यात्मिक क्या है ? इसकी जानकारी कुछ ही लोगो के पास है ? महाशिवरात्री के आध्यात्मिक रहस्य को हम अपने जीवन में समझकर अपने जीवनमें प्रतिपल खुश रहने हेतू महाशिवरात्री संदेश देना आवश्यक है  दि. 22 से 28 फरवरी, 2017 की रात 12 से 7 करोड व्हॉटसअॅप युजर्सको महाशिवरात्रीका आध्यात्मिक संदेश प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओरसे पहूंचाया जायेगा. ओमशान्ति मीडिया पत्रिका, www.bkvarta.com बीकवार्ता वेबपोर्टल तथा डॉ. दिपक हरके का यह संयुक्त उपक्रम है.

 

इसके पूर्व का विश्व विक्रम डॉ. दिपक हरके इनके नाम पर है, दिपावली का आध्यात्मिक रहस्य का ऑडिओ मॅसेज 1 करोड 352 व्हॉटस्अॅप युजर्स को 29 अक्तुबर 2016 को रात 12 बजे से 20 अक्तुबर, 2016 के रात बजे बजे तक भेजकर उन्होने यह उपलब्ध हासिल की थी. महाशिवरात्री का विश्वविक्रमी संदेश प्राप्त करने के लिए 9422288888 इस व्हॉटसअॅप मैसेज पर WR एैसा मॅसेज भेजकर आप यह संदेश प्राप्त कर सकतें है. विश्वविक्रम में सहभागीता पत्र प्राप्त करने के लिए हरएक सहभागी व्यक्ति निर्धारीत राशी जमा कर वंडर बुक ऑफ रिकार्डमें सहभाग प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकतें है . इस विश्वविक्रम का उदघाटन भारतीय क्रीकेट टिम के उपकप्तान अजिंक्य रहणे इनके शुभहस्तोंसे मुंबई के बीकेसीस्थित एमसीए क्लब में सपन्न हूआ. इस उपक्रम के बारें में रहाने ने डॉ. दिपक हरके को बधाई दी तथा ब्रह्माकुमारीज् के मानवसेवा के कार्य की सराहना की. 

 

 

१३ मार्च (पालक्कड:केरला) ध्यान महोत्सव का आयोजन. विभीन्य मान्यवारोंने किया राजयोग ध्यान अभ्यास.

 

31 जनवरी (भूवनेश्वर) वार्षिकोत्सव मनाया गया. सेवाकेंद्र के एक वर्ष पूर्ती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

 


 

30 जनवरी (विलेपार्ले:मुंबई) सफल सारथी अवार्ड. ट्रान्सपोर्ट एण्ड ट्रॅव्हल्स प्रभागद्वारा यह अवार्ड प्राप्त ड्रायव्हर भाईयों को सम्मानित किया गया.

 


 

29 जनवरी (हैद्राबाद) मुख्यमंत्री महोदय शान्तिसरोवर में. भ्राता एम. चंद्राबाबू नायडूजीने शांती सरोवर भेट की. शांतीसरांेवर के दसवें वर्धापन दिन कार्यक्रम का उदघाटन उन्होंने किया.


 

28 जनवरी (जयपूर:राज.) अंतरराष्ट्रीय खेल सम्मेलन मंें ईश्वरीय संदेश. स्पोटर्स एण्ड फिजिकल एज्युकेशन विषयपर आयोजित इस मम्मेलन में बीके जगबीरभाईने दिया संदेश.


 

27 जनवरी (मडिकेरी:कर्ना.) कर्म की गती गुह्य है. - भगवानभाई सेंट्रल जेल में ब्र.कु भगवानभाई, माऊंट आबू ने दिया ईश्वरीय संदेश


 

26 जनवरी (मंगलौर:कर्ना.) सेंट्रल जेल में दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु भगवानभाई, माऊंट आबू ने दिया ईश्वरीय संदेश.


 

25 जनवरी (मालाड:मुंबई)फिल्म इन्स्टि. में मेडिटेशन रुम का उदघाटन. प्रसिध्द फिल्म निर्देशक तथा निर्माता भ्राता सुभाष घई ने विशअलींग फिल्म इन्स्टि. में मेडिटेशन रुम का उघाटन किया

 


 

24 जनवरी (कटघोरा) आध्यात्मिक समागम एवं सम्मान समारोह संपन्न. नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधीयों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया.


 

23 जनवरी (लातूर:महा.) उर्जा छात्र-क्लब स्थापित. गणतंत्र दिवस के अवसरपर विवेकानंद विद्यालय, सीबीएससी लातूर में महाराष्ट्र उर्जा छात्र क्लब की स्थापना की गई


 

22 जनवरी (बिलासपूर:छ.ग.) आरके नगर में सरस्वती झाँकी. राजकिशोर नगर, बीके रुपा बहनने माँ सरस्वती की महिमा का प्रवचन किया.


21 जनवरी (शान्तिवन) रेडिओ मधुबन वर्धापन दिन. ब्रहमाकुमारीज कम्युनिटी रेडिओ मधुबन का 4 था वर्धापन दिवस मनाया गया.

 


 

20 जनवरी (मालाड:मुंबई) सुरक्षीत रास्ता सप्ताह. एसटी डिपो में हुआ कार्यक्रम.


 

19 जनवारी (केशोद:गुज) यात्रा खुशनुमा जीवन की और कार्यक्रम संपन्न. ब्र.कु.डा. सविता, माऊंट आबूने किया मार्गदर्शन.


 

18 जनवरी (आबूपर्वत:पाण्डवभवन) पिताश्रीजी का स्मृतिदिवस. विश्वशांती दिवस के रुप में समूचे विश्व में मनाया गया.


 

17 जनवरी (विशाखापट्टणम) विधायक महोदय को दिया संदेश. नये वर्ष का संदेश भ्राता विष्णु कुमार राजू जी को बीके शशीकला बहनने दिया 


 

16 जनवरी (मुंबई) 102वीं विज्ञान परिषद में स्पार्क सेवा. मुंबई विश्व विद्यालय में आयोजित इस परिषदमें स्प्रिच्ुअल एप्लीकेशन एण्ड रिसर्च की सुंदर सेवा हुई


 

15 जनवरी (जयपूर) नारित्वदर्शन की सहभागीता. जयपूर अन्तरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टीवल में नारित्व दर्शन को नॉमिनेट किया गया.


 

14 जनवरी (शान्तिवन) रिडिकव्हरींग ऑफ लाईफ. वैज्ञानिक तथा अभियंता प्रभागद्वारा राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया


 

13 जनवरी (शान्तिवन) ब्र.कु. करुणाभाईजी का 75 वाँ जनमदिन. ब्रहमाकुमारीज संस्था के मीडिया उपाध्यक्ष तथा मल्टीमीडिया प्रभारी ब्र.कु. करुणाभाईजी के जनमदिन की प्लेटिनम ज्युबिली हर्षोल्हाससे मनाई गई.


 

12 जनवरी (शांतीवन)दादीजी का 99 वाँ जनमदिन मनाया. ब्रहमाकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका ददी जानकीजी का जन्मदिन बहुत ही उमंग उत्साहसे मनाया गया


 

11 जनवरी (मा.आबू) बीके केदारभाई का अभिनंदन किया दादीजीने. राजस्थान सरकारद्वारा उर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त करनेवाले बीके केदारभाई (उर्जा ऑडिटर) का अभिनंदन दादी रतनमोहिनीजी, बीके रमेशभाईजीने किया.


 

10 जनवरी (टिकरापारा:बीलासपूर) बालिका शिक्षा शिविर में सदेश. सरस्वती शिशु मंदिर उच्चस्तर मा. विद्यालय में बीके मंजू बहनने दिया ईश्वरीय संदेश.


 

09 जनवरी (राहूरी:महा.) आज की शाम भगवान के नाम. ब्र.कु. सुरजभाई, मा. आबू, ब्र.कु. गीताबहन पुना तथा उषा बहन राहूरी ने दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु. बद्रिश हेहाडरायने मीडियाद्वारा पहूंचाया संदेश


 

08 जनवरी (कलपेट्टा:केरला) केंद्रीय विद्यालय में दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु. भगवानभाई, आबू पर्वत ने  कही नैतिक मूल्यों की बा


 

07 जनवरी (बार्शि:महा.) कुंकूलोक हायस्कूल में ईश्वरीय संदेश. बीके संगीताबहनने दिया संदेश


 

06 जनवरी (केशोद) महान जादुगर विरागभाई हकुभा को दिया संदेश. बी.के. सत्याबहन, तथा बीके शिल्पा बहनने दिया परिचय.


 

05 जनवरी (हरिद्वार) ऋषीकुल में संत स्नेहमीलन, ब्र.कु.मिनाबहनने परमपिता परमात्मा का दिया सत्य परिच


 

04 जनवारी (बंेगलौर) फ्रि आय चेकींग कॅम्प. सेवाकेंद्र की ओरसे आयोजित कॅम्प में सहभागीयों दिया गया संदे


 

03 जनवरी (लिमा,पेरु:फ्रान्स)कोप-20 में ब्रहमाकुमारीज् की सहभागीता. क्लायमेंट चेंज कॉन्फरन्स में ब्रहमाकुमारीजने किया सहभाग


 

02 जनवरी (वाशी:मुंबई) सदभावना सभा में ब्रहमाकुमारीज् सहभाग. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की औरसे आयोजित इस मीटिंग में बहनोंने दिया संदेश


 

01 जनवरी (तिनसुखीया:आसाम) स्वर्णीम युग की पुन:स्थापना. गीता के भगवान को प्रत्यक्ष करने के सम्मेलनको, बी के ब्रजमोहनभाईजी, देहली, ब्र.कु. उषाबहनजी मा. आबू, बीके आशा बहनजी ने किया सम्बोधित

 

31 मार्च (कोरबा) नारी सुरक्षा अभियान. मानिकपुर में नारी सुरक्षा अभियान अंतर्गत व्याख्यान संपन्न हुआ


 

 

30 मार्च (राजिम) राज्यपाल महोदय को ई·ारीय संदेश. छत्तीसगढ़ के मान. राज्यपाल महामहिम शेखरदत्त जी को ई·ारीय संदेश दिया बहन पुष्पाने. इनके साथ ब्रा.कु. नारायणभाई और सांसद चन्दूलालजी उपस्थित थे.


 

29 मार्च (पिंपरी:पुना) शिवज्ञान दर्शन मेला. ब्र.कु पारुदीदी, ब्र.कु. सुरेखा बहन, उद्योजक संदिप वाघेरे इनके करकमलोंद्वारा इसका उदघाटन किया गया.


 

28 मार्च (बोरवली:मुंबई) दिव्या बहन को वूमन ऑफ एक्सलन्स अवार्ड. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में लाला लजपतराय इन्सिस्ट¬ूट आफ मॅनेजमेंट की औरसे ब्राहृाकुमारी दिव्या बहन को आध्यत्मिक क्षेत्र में अद्वितीय कार्य करने पर वूमन ऑफ एक्सलन्स अवार्ड से सम्मानित किया गया. डा. कमल गुप्ताजी, चेअरमन एलएलआय ने सम्मानित किया.


 

27 मार्च (अंजार-कच्छ:गुज.) रतनमणी मेटल एण्ड ट¬ूब लि. में कार्यक्रम. मुंदरा सेवाकेंद्र से ब्रा.कु. सुशला बहन ने मोटीवेशनल ट्रेनिंग शिविर करवाया.


 

26 मार्च (सायन:मुंबई) शांती उद्यान में महिला दिवस. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष मंे ब्राहृाकुमारी संतोषदिदीजी के प्रमुख उपस्थित में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वरीष्ठ इन्स्पेक्टर बहन सुजाथा को इस समय ई·ारीय संदेश दिया गया.


 

25 मार्च (गुलबर्गा) 47 फिट शिवलिंग का भव्य आयोजन. विशाल द्वादर्श ज्योतिलिंग अमृतसरोवर में 5000 स्केअर फिट जगह पर किया गया. हर रोज दो हजार के करीब श्रद्धालु दर्शन करने आते थे.


 

24 मार्च (नेपाल) फ्यूचर ऑफ पावर. समाज के गणमान्य व्यक्तियों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन पोखरा में किया गया.


 

23 मार्च (शांतीवन) रेडिओ मधुबन ने मनाया महिला दिवस. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में, नारित्व दर्शन कार्यक्रम का आयाजन ब्राहृाकुमारीज् सामुदायीक रेडिओ स्टेशन , रेडिओ मधुबन ने आयोजित किया.


 

22 मार्च (बार्शी) महिला दिवस मनाया गया. सेवाकेंद्र की औरसे आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

 


 

21 मार्च (मनीपाल:कर्ना.) 35 फिट महाशिवलिंग. शहर के मुख्य स्थान के सर्कल में भगवान शिव की 35 फिट शिवलिंग की भव्य प्रतिमा लगाई गई.


 

20 मार्च (विलेपार्ले:मुंबई) टीवी तथा फिल्म कलाकरोंने मनाई शिवरात्री. लाखंण्डवाला क्षेत्र में टीवी तथा फिल्म कलाकर डाली बींद्रा, श्रीमती ज्योत्सना डिगे आदियांेने शिवजयंती मनाई.


 

19 मार्च (चेंबुर:मुंबई) 40 फिट शिवलिंग दर्शन. पहली बार भगवान शिव के 40 फिट ऊँचाईवाले शिवलिंगका दर्शन लिया श्रद्धालुओंने.


 

18 मार्च (मुंबई) नारी सुरक्षा, हमारी सुरक्षा. महिला सशक्तिकरण हेतु निकाली गई रॅली. समाज की सभी वर्गो की महिलाओं लिया हिस्सा.


 

17 मार्च (बैंगलौर) शिवजयंती महोत्सव. भगवान शिव का भव्य ज्योतिलिंग स्थापन किया गया.शिवलिंगका दर्शन लिया श्रद्धालुओंने.


 

16 मार्च (बार्शी) शिवजयंती महोत्सव. भ.के. गव्हाने, पत्रकार, विनोद बुडूख, अध्यक्ष लायन्स कल्ब, प्रकाश महामुनी, अध्यक्ष, लायन्स क्लब, तेजस बखारीया, अध्यक्ष, रोटरी क्लब, मोहनभाई, संगीत बहन, वर्षा बहन, राणी बहन महादेवी बहन वैजिनाथभाई आदियोंने किया शिवध्वजारोहण.


 

15 मार्च (चेन्नई) बारा ज्योतिलिंगम् दर्शन. शहर मंे भगवान शिव के बारा ज्योतिलिंगर्म दर्शन करने हेतु भव्य चैतन्य आयोजन किया गया.


14 मार्च (बेलापूर:मुंबई) शिवजयंती महोत्सव. भ्राता मंदा म्हात्रे,पूर्व विधायक, बहन स्नेहल पाठक, टीवी कलाकार, भ्राता आर सी सिंग, बीके शिला, बीके शुभांगी , बीके मिना ने किया उदघाटन


 

13 मार्च (अजमेर) भव्य शिवलिंग का निर्माण. शिवजयंती महोत्सवपर 15फिट का भव्य शिवलिंग का निर्माण किया गया जिसका दर्शन शहर के हजारों श्रद्धालुओंने लिया.


 

12 मार्च (केशोद) शिवजयंती महोत्सव. विधायक भ्राता अरविंदभाई लाडाणी, रोटरी क्लब के प्रमुख भ्राता कांतीभाई चुडासमा, जेसीस के प्रमुख भ्राता रजनीभाई फडदु, प्रो. डो. भुपेन्द्रभाई जेपी तथा बीके रुपा बहन उपस्थित थे


 

11 मार्च (मालाड:लिबर्टी गार्डन) गीतकार श्रवणकुमार पहुंचे शिवरात्रीपर . परमात्मा शिव की मनोरम्य झाँकी.  शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई. जिसका उदघाटन शोभा बहन, कॅप्टर जीहेना, कॅ. पूनम, बीके राजबेन, बीके कुंती बहन, म्युझीक डायरेक्टर श्रवणकुमार, गीतकार डेबूजीत, चांदमिश्रा, निरजाबहन आदियों के करकमलोंद्वारा किया उदघाटन


 

10 मार्च (कोरबा) शिव शंकर झाँकि. शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई.


 

09 मार्च (ग्वालियर) शिवजयंती महोत्सव. सेवाकेंद्रकी औरसे शिवजयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया.


 

08 मार्च (नासिक) डो. भटकर सेवाकेंद्रपर. सीडॅक के प्रणेता तथा सुपर कम्प्युटर के जनक डो. विजय भटकर सेवाकेंद्र पर पहुंचे तथा राजयोग अनुभूती की.


 

 

07 मार्च (मालाड:दिडोंशी) सड़क निर्माण में ब्र.कु. योगदान. शहर विकास के अंतर्गत सड़क निर्माण योजना में ब्रह्माकुमारी बहनों ने प्रवचन दिया.


 

06 मार्च (ग्वालीयर:दिनलयाल नगर) शिवपार्वती झाँकि. शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई.


 


05 मार्च (बाणेर) अमरनाथ की भव्य गुफाये. शिवजयंती महोत्सव पर भव्य अमरनाथ गुफाओं का निर्माण किया गया. जिससे बहोतही सुंदर सेवायें हुई.


04 मार्च (बेलगाम) विश्व की सबसे बडी पतंग. ब्रह्माकुमारीज् की औरसे विश्व की सबसे बडी पतंग का निर्माण किया गया इसमें शिवसंदेश दिया गया. 203 फिट पतंग का निर्माण किया गया.

 


 

03 मार्च (शांतीवन) शिवध्वजारोहण. शिवरात्री महोत्सव पर परमात्मा शिव का ध्वज लहराया बापदादा, दादी जानकीजी तथा वरीष्ठ दादी, भाईयोंने


02 मार्च (हातीना:गुज) महिला सम्मेलनसंपन्न. वडोदरा से पोरबंदर नारी सशक्तिकरण अभियान अंतर्गत कार्यक्रम संपन्न हुआ


 

01 मार्च (गुडगांव) ओआरसी में प्रशासक डायलाग. प्रशासक प्रभाग आयोजित इस सेमिनार में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.


 

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