Red PURPLE BLACK

विशेष वार्ता

 लाईव्ह अपडेट :  शुभवार्ता >>  बीकेवार्ता पाठक संख्या एक करोड के नजदिक -  दिनदूगीनी रात चौगुनी बढरही  पाठकसंख्या बीकेवार्ता की ---- पाठको को लगातार नई जानकारी देनें मेे अग्रेसर रही बीकेवार्ता , इसी नवीनता के लिए पाठको का आध्यात्तिक प्यार बढा ---- सभी का दिलसे धन्यवाद --- देखीयें हमारी नई सेवायें >>>  ब्रहमाकुमारीज द्वारा आंतरराष्टीय सेवायें  | ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें |आगामी कार्यक्रम | विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस | विचारपुष्प |


 

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

Advertising Top

 

  • सेवा समाचार - मॉरीशस में जीएचआरसी, माउंट आबू के डॉ। प्रताप मिधा का दौरा - 
    Mauritius Family
    This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
  • Watch "प्रेरणा (Inspiration) (EP-120) Rajyogini Vanita Didi (Jetpur, Gujarat)" on YouTube -https://youtu.be/mBRBP12YcWA
  • भारत के भाई बीके चार्ली की सेवा रिपोर्ट (ऑस्ट्रेलिया) की यात्रा
  • बैंगलोर - ब्रह्मा कुमारियों ने पृथ्वी माता महोत्सव में "प्रकृति मित्र पुरस्कार" से सम्मानित किया

 

महत्वपूर्ण खबरे


Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
नया मलयालम टीवी चैनल

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन. केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र. संस्था के 80 वर्ष कार्यक्रम में वक्तव्य.Read more...

अन्य ख़बरे

Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
युवा शिविर का सफल आयोजन.

युवा शिविर का सफल आयोजन.

त्रिनिदाद) युवा शिविर का सफल आयोजन. टोका त्रिनिदाद मेंे हासन्ना बीच रिसोर्ट पर युवा शिविर का आयोजन किया गया. Read more...

 

आज का मुरली प्रवचन
  

 Click for More Murlis 

16-01-2021 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


"मीठे बच्चे - कदम-कदम श्रीमत पर चलो, नहीं तो माया देवाला निकाल देगी, यह आंखे बहुत धोखा देती हैं, इनकी बहुत-बहुत सम्भाल करो''

प्रश्नः-

किन बच्चों से माया बहुत विकर्म कराती है? यज्ञ में विघ्न रूप कौन हैं?

उत्तर:-

जिन्हें अपना अंहकार रहता है उनसे माया बहुत विकर्म कराती है। ऐसे मिथ्या अंहकार वाले मुरली भी नहीं पढ़ते। ऐसी गफलत करने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट पेनी बना देती है। यज्ञ में विघ्न रूप वो हैं जिनकी बुद्धि में झरमुई झगमुई (परचिंतन) की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब आदत है।

ओम् शान्ति। रूहानी बच्चों को बाप ने समझाया हुआ है, यहाँ तुम बच्चों को इस ख्याल से जरूर बैठना होता है - यह बाप भी है, टीचर भी है, सुप्रीम गुरू भी है और यह भी महसूस करते हो कि बाप को याद करते-करते पवित्र बन जाकर पवित्रधाम में पहुँचेंगे। बाप ने समझाया है - पवित्रधाम से ही तुम नीचे उतरे हो। पहले तुम सतोप्रधान थे फिर सतो-रजो-तमो में आये। अभी तुम समझते हो हम नीचे गिरे हुए हैं। भल तुम संगमयुग पर हो परन्तु ज्ञान से तुम यह जानते हो - हमने किनारा कर लिया है। फिर अगर हम शिवबाबा की याद में रहते हैं तो शिवालय दूर नहीं। शिवबाबा को याद ही नहीं करते तो शिवालय बहुत दूर है। सज़ायें खानी पड़ती हैं ना तो बहुत दूर हो जाता है। तो बाप बच्चों को कोई जास्ती तकलीफ नहीं देते हैं। एक तो बार-बार कहते हैं - मन्सा-वाचा-कर्मणा पवित्र बनना है। यह आंखें भी बड़ा धोखा देती हैं। बहुत सम्भाल कर चलना होता है।

बाबा ने समझाया है - ध्यान और योग बिल्कुल अलग है। योग अर्थात् याद। आंखें खुली होते याद कर सकते हो। ध्यान को योग नहीं कहा जाता। ध्यान में जाते हैं तो उनको न ज्ञान, न योग कहा जाता। ध्यान में जाने वालों पर माया भी बहुत वार करती है, इसलिए इसमें बहुत खबरदार रहना होता है। बाप की कायदे अनुसार याद चाहिए। कायदे के विरूद्ध कोई काम किया तो एकदम माया गिरा देगी। ध्यान की तो कभी इच्छा भी नहीं रखनी है, इच्छा मात्रम् अविद्या। तुम्हें कोई भी इच्छा नहीं रखनी है। बाप तुम्हारी सब कामनायें बिगर मांगे पूरी कर देते हैं, अगर बाप की आज्ञा पर चलते हो तो। अगर बाप की आज्ञा का उल्लंघन कर उल्टा रास्ता लिया तो हो सकता है स्वर्ग में जाने के बदले नर्क में गिर जायें। गायन भी है गज को ग्राह ने खाया। बहुतों को ज्ञान देने वाले, भोग लगाने वाले आज हैं नहीं क्योंकि कायदे का उल्लंघन करते हैं तो पूरे मायावी बन जाते हैं। डीटी बनते-बनते डेविल बन जाते हैं इसलिए इस मार्ग में खबरदारी बहुत चाहिए। अपने ऊपर कन्ट्रोल रखना होता है। बाप तो बच्चों को सावधान करते हैं। श्रीमत का उल्लंघन नहीं करना है। आसुरी मत पर चलने से ही तुम्हारी उतरती कला हुई है। कहाँ से एकदम कहाँ पहुँच गये हैं। एकदम नीचे पहुँच गये हैं। अब भी श्रीमत पर न चले, बेपरवाह बने तो पद भ्रष्ट बन जायेंगे। बाबा ने कल भी समझाया जो कुछ श्रीमत के आधार बिगर करते हैं तो बहुत डिससर्विस करते हैं। बिगर श्रीमत करेंगे तो गिरते ही जायेंगे। बाबा ने शुरू से माताओं को निमित्त रखा है क्योंकि कलष भी माताओं को मिलता है। वन्दे मातरम् गाया हुआ है। बाबा ने भी माताओं की एक कमेटी बनाई। उन्हों के हवाले सब कुछ कर दिया। बच्चियां ट्रस्टवर्दी (विश्वासपात्र) होती हैं। पुरुष अक्सर करके देवाला मारते हैं। तो बाप भी कलष माताओं पर रखते हैं। इस ज्ञान मार्ग में मातायें भी देवाला मार सकती हैं। पद्मापद्म भाग्यशाली जो बनने वाले हैं, वह भी माया से हार खाए देवाला मार सकते हैं। इसमें स्त्री-पुरुष दोनों देवाला मार सकते हैं। उसमें सिर्फ पुरुष देवाला मारते हैं। यहाँ तो देखो कितने हार खाकर चले गये, गोया देवाला मार दिया ना। बाप बैठ समझाते हैं - भारतवासियों ने पूरा देवाला मारा है। माया कितनी जबरदस्त है। समझ नहीं सकते हैं हम क्या थे? कहाँ से एकदम नीचे आकर गिरे हैं! यहाँ भी ऊंच चढ़ते-चढ़ते फिर श्रीमत को भूल अपनी मत पर चलते हैं तो देवाला मार देते। फिर बताओ उनका क्या हाल होगा। वह तो देवाला मारते हैं फिर 5-7 वर्ष बाद खड़े हो जाते हैं। यह तो 84 जन्मों के लिए देवाला मार देते हैं। फिर ऊंच पद पा न सकें, देवाला मारते ही रहते हैं। कितने महारथी बहुतों को उठाते थे, आज हैं नहीं। देवाले में हैं। यहाँ ऊंच पद तो बहुत है, परन्तु फिर खबरदार नहीं रहेंगे तो ऊपर से एकदम नीचे गिर पड़ेंगे। माया हप कर लेती है। बच्चों को बहुत खबरदार होना है। अपनी मत पर कमेटियां आदि बनाना, उसमें कुछ रखा नहीं है। बाप से बुद्धियोग रखो - जिससे ही सतोप्रधान बनना है। बाप का बनकर और फिर बाप से योग नहीं लगाते, श्रीमत का उल्लंघन करते हैं तो एकदम गिर पड़ते हैं। कनेक्शन ही टूट पड़ता है। लिंक टूट पड़ता है। लिंक टूट जाए तो चेक करना चाहिए कि माया हमको इतना क्यों तंग करती है। कोशिश कर बाप के साथ लिंक जोड़नी चाहिए। नहीं तो बैटरी चार्ज कैसे होगी। विकर्म करने से बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। ऊंच चढ़ते-चढ़ते गिर पड़ते हैं। जानते हो ऐसे कई हैं। शुरू में कितने ढेर आकर बाबा के बने। भट्ठी में आये फिर आज कहाँ हैं? गिर पड़े क्योंकि पुरानी दुनिया याद आई। अभी बाप कहते हैं हम तुमको बेहद का वैराग्य दिला रहा हूँ। इस पुरानी पतित दुनिया से दिल नहीं लगानी है। दिल लगाओ स्वर्ग से, मेहनत है। अगर यह लक्ष्मी-नारायण बनना चाहते हो तो मेहनत करनी पड़े। बुद्धियोग एक बाप के साथ होना चाहिए। पुरानी दुनिया से वैराग्य। अच्छा, पुरानी दुनिया को भूल जाएं यह तो ठीक है। भला याद किसको करें? शान्तिधाम-सुखधाम को। जितना हो सके उठते-बैठते, चलते-फिरते बाप को याद करो। बेहद सुख के स्वर्ग को याद करो। यह तो बिल्कुल सहज है। अगर इन दोनों आशाओं से उल्टा चलते हैं तो पद भ्रष्ट हो पड़ते हैं। तुम यहाँ आये ही हो नर से नारायण बनने के लिए। सबको कहते हो तमोप्रधान से सतोप्रधान बनना है क्योंकि रिटर्न जर्नी होती है। वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट माना नर्क से स्वर्ग, फिर स्वर्ग से नर्क। यह चक्र फिरता ही रहता है। बाप ने कहा है यहाँ स्वदर्शन चक्रधारी होकर बैठो। इसी याद में रहो, हमने कितना बारी यह चक्र लगाया है। हम स्वदर्शन चक्रधारी हैं, अभी फिर से देवता बनते हैं। दुनिया में कोई भी इस राज़ को नहीं जानते हैं। यह ज्ञान देवताओं को तो सुनाना नहीं है। वह तो हैं ही पवित्र। उनमें ज्ञान है नहीं जो शंख बजायें। पवित्र भी हैं इसलिए उनको निशानी देने की दरकार ही नहीं। निशानी तब होती है जब दोनों इकट्ठे चतुर्भुज होते हैं। तुमको भी नहीं देते हैं क्योंकि तुम आज देवता कल फिर नीचे गिर जाते हो। माया गिराती है ना। बाप डीटी बनाते हैं, माया फिर डेविल बना देती है। अनेक प्रकार से माया परीक्षा लेती है। बाप जब समझाते हैं तब पता पड़ता है। सचमुच हमारी अवस्था गिरी हुई है। कितने बिचारे अपना सब कुछ शिवबाबा के खजाने में जमा कराए फिर भी कभी माया से हार खा लेते हैं। शिवबाबा के बन गये फिर भूल क्यों जाते, इसमें योग की यात्रा मुख्य है। योग से ही पवित्र बनना है। नॉलेज के साथ-साथ पवित्रता भी चाहिए। तुम बुलाते भी हो बाबा हमको आकर पावन बनाओ, जो हम स्वर्ग में जा सकें। याद की यात्रा है ही पावन बन ऊंच पद पाने के लिए। जो चले जाते हैं फिर भी कुछ न कुछ सुना है तो शिवालय में आयेंगे जरूर। फिर पद भल कैसा भी पायें परन्तु आते हैं जरूर। एक बार भी याद किया तो स्वर्ग में आ जायेंगे, बाकी ऊंच पद नहीं। स्वर्ग का नाम सुन खुश नहीं होना चाहिए। फेल होकर पाई पैसे का पद पा लेना, इसमें खुश नहीं होना चाहिए। भल स्वर्ग है परन्तु उसमें पद तो बहुत हैं ना। फीलिंग तो आती है ना - मैं नौकर हूँ, मेहतर हूँ। पिछाड़ी में तुमको सब साक्षात्कार होगा - हम क्या बनेंगे, हमसे क्या विकर्म हुआ है जो ऐसी हालत हुई है? मैं महारानी क्यों नहीं बनी? कदम-कदम पर खबरदारी से चलने से तुम पद्मपति बन सकते हो। खबरदारी नहीं तो पद्मपति बन नहीं सकेंगे। मन्दिरों में देवताओं को पद्मपति की निशानी दिखाते हैं। फ़र्क तो समझ सकते हैं ना। दर्जे का भी बहुत फ़र्क है। अभी भी देखो दर्जे कितने हैं। कितना ठाठ रहता है। है तो अल्पकाल का सुख। तो अब बाप कहते हैं यह ऊंच पद पाना है, जिसके लिए सब हाथ उठाते हैं तो इतना पुरुषार्थ करना है। हाथ उठाने वाले भी खुद खत्म हो जाते हैं। कहेंगे यह देवता बनने वाले थे। पुरुषार्थ करते खत्म हो गये। हाथ उठाना सहज है। बहुतों को समझाना भी सहज है, महारथी समझाते भी गायब हो जाते हैं। औरों का कल्याण कर खुद अपना अकल्याण कर बैठते हैं, इसलिए बाप समझाते हैं खबरदार रहो। अन्तर्मुख हो बाप को याद करना है। किस प्रकार से? बाबा हमारा बाप भी है, टीचर भी है, सतगुरू भी है, हम जा रहे हैं - अपने स्वीट होम में। यह सब ज्ञान अन्दर में होना चाहिए। बाप में ज्ञान और योग दोनों हैं। तुम्हारे में भी होना चाहिए। जानते हैं शिवबाबा पढ़ाते हैं तो ज्ञान भी हुआ, याद भी हुई। ज्ञान और योग दोनों इकट्ठा चलता है। ऐसे नहीं, योग में बैठे शिवबाबा को याद करते रहे, नॉलेज भूल जाए। बाप योग सिखाते हैं तो नॉलेज भूल जाती है क्या! सारी नॉलेज उनमें रहती है। तुम बच्चों में यह नॉलेज होनी चाहिए। पढ़ना चाहिए। जैसे कर्म मैं करुँगा, मुझे देख और भी करेंगे। मैं मुरली नहीं पढूँगा तो और भी नहीं पढ़ेंगे। मैं जैसे दुर्गति को पाऊंगा तो और भी दुर्गति को पा लेंगे। मैं निमित्त बन जाऊंगा औरों को गिराने के। कई बच्चे मुरली नहीं पढ़ते हैं, मिथ्या अहंकार आ जाता है। माया झट वार कर लेती है। कदम-कदम पर श्रीमत चाहिए। नहीं तो कुछ न कुछ विकर्म बन जाते हैं। बहुत बच्चे भूलें करते हैं फिर सत्यानाश हो जाती है। गफलत होने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट ए पेनी बना देती है, इसमें बड़ी समझ चाहिए। अहंकार आने से माया बहुत विकर्म कराती है। जब कोई कमेटी आदि बनाते हो तो उसमें हेड एक-दो फीमेल जरूर होनी चाहिए, जिनकी राय पर काम हो। कलष तो लक्ष्मी पर रखा जाता है ना। गायन भी है अमृत पिलाती थी तो असुर भी बैठ पीते थे। फिर कहाँ यज्ञ में विघ्न डालते हैं, अनेक प्रकार के विघ्न डालने वाले हैं। सारा दिन बुद्धि में झरमुई झगमुई की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब है। कोई भी बात है तो बाप को रिपोर्ट करो। सुधारने वाला तो एक ही बाप है। तुम अपने हाथ में लॉ नहीं उठाओ। तुम बाप की याद में रहो। सबको बाप का परिचय दो तब ऐसा बन सकेंगे। माया बहुत कड़ी है, किसको भी नहीं छोड़ती है। सदैव बाप को समाचार लिखना चाहिए। डायरेक्शन लेते रहना चाहिए। यूँ तो हर एक डायरेक्शन मिलते ही रहते हैं। बच्चे समझते हैं बाबा ने तो आपेही इस बात पर समझा दिया तो अन्तर्यामी है। बाप कहते - नहीं, मैं तो नॉलेज पढ़ाता हूँ। इसमें अन्तर्यामी की तो बात ही नहीं। हाँ, यह जानते हैं कि यह सब मेरे बच्चे हैं। हर एक के अन्दर की आत्मा मेरे बच्चे हैं। बाकी ऐसे नहीं बाप सबमें विराजमान है। मनुष्य उल्टा समझ लेते हैं।

बाप कहते हैं मैं जानता हूँ सबके तख्त पर आत्मा विराजमान है। यह तो कितनी सहज बात है। फिर भी भूल कर परमात्मा सर्वव्यापी कह देते हैं। यह है एकज़ भूल, जिस कारण ही इतना नीचे गिरे हैं। विश्व का मालिक बनाने वाले को तुम गाली देते हो इसलिए बाप कहते हैं यदा यदाहि...... बाप यहाँ आते हैं तो बच्चों को अच्छी रीति विचार सागर मंथन करना है। नॉलेज पर बहुत-बहुत मंथन करना चाहिए, टाइम देना चाहिए तब तुम अपना कल्याण कर सकेंगे, इसमें पैसे आदि की भी बात नहीं। भूख तो कोई मर न सके। जितना जो बाप के पास जमा करते हैं, उतना भाग्य बनता है। बाप ने समझाया है ज्ञान और भक्ति के बाद है वैराग्य। वैराग्य माना सब कुछ भूल जाना पड़ता है। अपने को डिटैच कर देना चाहिए, शरीर से हम आत्मा अब जा रही हैं। अच्छा!

मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात-पिता बापदादा का याद-प्यार और गुडमॉर्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।

धारणा के लिए मुख्य सार:-

1) अपने ऊपर बहुत कन्ट्रोल रखना है। श्रीमत में कभी बेपरवाह नहीं बनना है। बहुत-बहुत खबरदार रहना है, कभी कोई कायदे का उल्लंघन न हो।

2) अन्तर्मुख हो एक बाप से बुद्धि की लिंक जोड़नी है। इस पतित पुरानी दुनिया से बेहद का वैराग्य रखना है। बुद्धि में रहे - जो कर्म मैं करुँगा, मुझे देख सब करेंगे।

वरदान:-

स्वमान की सीट पर स्थित रह माया को सरेण्डर कराने वाले श्रेष्ठ स्वमानधारी भव

संगमयुग का सबसे श्रेष्ठ स्वमान है मास्टर सर्वशक्तिमान की स्मृति में रहना। जैसे कोई बड़ा आफीसर वा राजा जब स्वमान की सीट पर स्थित होता है तो दूसरे भी उसे सम्मान देते हैं, अगर स्वयं सीट पर नहीं तो उसका आर्डर कोई नहीं मानेंगे, ऐसे आप भी स्वमानधारी बन अपने श्रेष्ठ स्वमान की सीट पर सेट रहो तो माया आपके आगे सरेण्डर हो जायेगी।

स्लोगन:-

साक्षीपन की स्थिति में रह दिलाराम के साथ का अनुभव करने वाले ही लवलीन आत्मा हैं।

 

 

 


ब्रह्माकुमारीज् की प्रमुख खबरें -

 

 

  चित्रों सहित विस्तार से समाचार के लिए क्लिक करें  


 

बोध कथा-

विचार की पवित्रता

एक राजा और नगर सेठ में गहरी मित्रता थी। वे रोज एक दूसरे से मिले बिना नहीं रह पाते थे। नगर सेठ चंदन की लकड़ी का व्यापार करता था। एक दिन उसके मुनीम ने बताया कि लकड़ी की बिक्री कम हो गई है। तत्काल सेठ के मन में यह विचार कौंधा कि अगर राजा की मृत्यु हो जाए, तो मंत्रिगण चंदन की लकडि़यां उसी से खरीदेंगे। उसे कुछ तो मुनाफा होगा। शाम को सेठ हमेशा की तरह राजा से मिलने गया। उसे देख राजा ने सोचा कि इस नगर सेठ ने उससे दोस्ती करके न जाने कितनी दौलत जमा कर ली है, ऐसा कोई नियम बनाना होगा जिससे इसका सारा धन राज खजाने में जमा हो जाए।
दोनों इसी तरह मिलते रहे, लेकिन पहले वाली गर्मजोशी नहीं रही। एक दिन नगर सेठ ने पूछ ही लिया, ‘पिछले कुछ दिनों से हमारे रिश्तों में एक ठंडापन आ गया है। ऐसा क्यों?’ राजा ने कहा, ‘मुझे भी ऐसा लग रहा है। चलो, नगर के बाहर जो महात्मा रहते हैं, उनसे इसका हल पूछा जाए।’ उन्होंने महात्मा को सब कुछ बताया। महात्मा ने कहा, ‘सीधी सी बात है। आप दोनों पहले शुद्ध भाव से मिलते रहे होंगे, पर अब संभवत: एक दूसरे के प्रति आप लोगों के मन में कुछ बुरे विचार आ गए हैं इसलिए मित्रता में पहले जैसा सुख नहीं रह गया।’ नगर सेठ और राजा ने अपने-अपने मन की बातें कह सुनाईं। महात्मा ने सेठ से कहा,’ तुमने ऐसा क्यों नहीं सोचा कि राजा के मन में चंदन की लकड़ी का आलीशान महल बनवाने की बात आ जाए? इससे तुम्हारा चंदन भी बिक जाता। विचार की पवित्रता से ही संबंधों में मिठास आती है। तुमने राजा के लिए गलत सोचा इसलिए राजा के मन में भी तुम्हारे लिए अनुचित विचार आया। गलत सोच ने दोनों के बीच दूरी बढ़ा दी। अब तुम दोनों प्रायश्चित करके अपना मन शुद्ध कर लो, तो पहले जैसा सुख फिर से मिलने लगेगा।’ 5  

 

संग्रहित समाचार

 

आर्टिकल्स

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन

 

MAIN MENU

जीवनपरिवर्तन लेखमाला

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

आर्टिकल्स

सोशल नेटवर्किंग से हमें जुडे़

           

 

विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 देश विदेश के सेवाकेंद्रो द्वारा सेवायें


 

 


 

31 अगस्त (रशिया) स्वतंत्रता दिवस मनाया गया.ाारतीय मूल निवासीयोंने भारतीय स्वतंत्रता दिवस मनया तथा इस अवसपर पर भ्राता गांधी, सेंट पिटर्सबर्ग में भारत के कॉन्सील को राखी बांधी गई.

26 अगस्त (अहमदाबाद) मुख्यमंत्रीजी को राखी बांधी. भ्राता नरेंद्र मोदीजी को ब्र.कु. सरला बहनजीने राखी बांधी .

25 अगस्त (बेंगलौर) विश्वकी सबसे बड़ी राखी. ब्राहमाकुमारीज् द्वारा आयोजित वि·ा की सबसे बडी राखी का लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड दर्ज किया गया.

Top Stories प्रमुख समाचार : मार्च  2014 


 

4 अप्रैल (आसनमोल) आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन.

3 अप्रैल (ग्वालियर) महिला दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न.

2 अप्रैल (ग्वालियर) विचार दिवस समारोह.

1 अप्रैल (आबूरोड) बर्फानी बाबा के साथ बेटी बचाओ जनसंवर्धन का संदेश.

31 मार्च (भोपाल) शिवनी बहन का कार्यक्रम.

30 मार्च (बेलापूर) शान्तियात्रा का आयोजन

29 मार्च (भिलाई ) ओमशान्ति चौक का लोकार्पण.

28 मार्च (मार्गो:गोवा ) दादाजीने किया उदघाटन.

27 मार्च (भिलाई) शिवदर्शन यात्रा का आयोजन

26 मार्च (सायन:मुंबई) शांती उद्यान में महिला दिवस

25 मार्च (गुलबर्गा) 47 फिट शिवलिंग का भव्य आयोजन.

24 मार्च (नेपाल) फ्यूचर ऑफ पावर.

23 मार्च (शांतीवन) रेडिओ मधुबन ने मनाया महिला दिवस.

22 मार्च (बार्शी) महिला दिवस मनाया गया

21 मार्च (मनीपाल:कर्ना.) 35 फिट महाशिवलिंग.

20 मार्च (विलेपार्ले:मुंबई) टीवी तथा फिल्म कलाकरोंने मनाई शिवरात्री.

19 मार्च (चेंबुर:मुंबई) 40 फिट शिवलिंग दर्शन.


18 मार्च (मुंबई) नारी सुरक्षा, हमारी सुरक्षा.

17 मार्च (बैंगलौर) शिवजयंती महोत्सव.

16 मार्च (बार्शी) शिवजयंती महोत्सव

15 मार्च (चेन्नई) बारा ज्योतिलिंगम् दर्शन.

14 मार्च (बेलापूर:मुंबई) शिवजयंती महोत्सव.


13 मार्च (अजमेर) भव्य शिवलिंग का निर्माण.

12 मार्च (केशोद) शिवजयंती महोत्सव.

11 मार्च (मालाड:लिबर्टी गार्डन) गीतकार श्रवणकुमार पहुंचे शिवरात्रीपर

10 मार्च (कोरबा) शिव शंकर झाँकि.

09 मार्च (ग्वालियर) शिवजयंती महोत्सव.

08 मार्च (नासिक) डो. भटकर सेवाकेंद्रपर.

07 मार्च (मालाड:दिडोंशी) सड़क निर्माण में ब्र.कु. योगदान.

06 मार्च (ग्वालीयर:दिनलयाल नगर) शिवपार्वती झाँकि

05 मार्च (बाणेर) अमरनाथ की भव्य गुफाये

04 मार्च (बेलगाम) विश्व की सबसे बडी पतंग

03 मार्च (शांतीवन) शिव ध्वज लहराया

02 मार्च (हातीना:गुज) महिला सम्मेलनसंपन्न.

01 मार्च (गुडगांव) ओआरसी में प्रशासक डायलाग.

बीकेवार्ता सम्माननिय पाठक संख्या

9160230
आज पढनेवाले पाठक
कल पढनेवाले पाठक
पिछले सप्ताह पढनेवाले पाठक
पिछले वर्ष पढनेवाले पाठक
एक तारीखसे अब तक पढनेवाले पाठक
पिछले मास पढनेवाले पाठक
अब तक की पाठक संख्या
1613
2047
21766
6821982
49910
54765
9160230

Your IP: 3.239.40.250
Server Time: 2021-01-17 15:25:04

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

  विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें

Who's Online

We have 69 guests and no members online

हमारी अन्य महत्वपूर्ण लिंक्स्

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन